मार्गशीर्ष माह का शुक्ल पक्ष आज से शुरू, जानें इसमें आने वाले बड़े व्रत-त्योहार की डेट – NewsUnfolded

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Margashirsha Vrat Tyohar 2022 List: हिंदू पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि हर महीने के कृष्ण पक्ष का आखिरी दिन होता है. अभी मार्गशीर्ष माह चल रहा है. 24 नवंबर 2022 से मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की शुरुआत हो रही है. इस दौरान कई मोक्षदा एकादशी, राम-सीता विवाह, गीता जयंती आदि बड़े व्रत-त्योहार आएंगे. आइए जानते हैं मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष के व्रत-त्योहार की लिस्ट.

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27 नवंबर 2022 (रविवार) – मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी

विनायक चतुर्थी – विनायक चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित हैं. ये व्रत करने वालों पर गणपति की विशेष कृपा बनी रहती है. संकट मिटते हैं और गणेश जी के आशीर्वाद से हर कार्य बिना रुकावट के पूरा होता है.

28 नवंबर 2022 (सोमवार) – विवाह पंचमी

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विवाह पंचमी – इस दिन भगवान राम और माता सीता विवाह के बंधन में बंधे थे. विवाह पंचमी का व्रत रखने और अनुष्ठान करने से वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है.

29 नवंबर 2022 (मंगलवार) – चंपा षष्ठी

चंपा षष्ठी – चंपा षष्ठी महाराष्ट्र और कर्नाटक के मुख्य व्रत में से एक है. इस दिन भगवान शिव के खंडोबा स्वरूप और कार्तिकेय की पूजा की जाती है. मान्यता है इस व्रत के प्रभाव से संकटों का नाश होता है.

30 नवंबर 20222 (बुधवार) – नंदा सप्तमी

नंदा सपत्मी – ये पर्व विशेष रूप से सूर्यदेव, भगवान गणेश और नंदा देवी को समर्पित है. नंदा देवी माता पार्वती का ही स्वरूप हैं. इनकी आराधना से अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है.

03 दिसंबर 2022 (शनिवार) –  मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती

मोक्षदा एकादशी – मोक्षदा एकादशी अपने नाम स्वरूप मोक्ष दिलाने वाली एकादशी मानी जाती है. इसी दिन गीता जयंती भी है. गीता जयंती पर श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता के उपदेश दिए थे.

05 दिसंबर 2022 (सोमवार) – अनंग त्रयोदशी, सोम प्रदोष व्रत

अनंग त्रयोदशी – इस दिन शिव, पार्वती, कामदेव और रति की पूजा का विधान है. इस दिन व्रत रखने वालों के विवाह संबंधी परेशानियां दूर होती है. सुखी वैवाहिक जीवन के लिए ये व्रत शुभ फलदायी है.

08 दिसंबर 2022 (गुरुवार) – मार्गशीर्ष पूर्णिमा, दत्तात्रेय जयंती

मार्गशीर्ष पूर्णिमा – पूर्णिमा तिथि पर लक्ष्मी-नारायण का पूजन करने से सुख, धन, सौभाग्य में बढ़ोत्तरी होती है. इस दिन भगवान विष्णु के अंश भगवान दत्ताकत्रेय का जन्ममोत्सव है. मान्यता है भगवान दत्त की पूजा और हवन करने से ज्ञान में वृद्धि होती है. ये त्योहार खासतौर पर महाराष्ट्रम में मनाया जाता है.

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